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सुनन इब्न माजा

नंबर 1759

नंबर 1759किताब 7, नंबर 122
حَدَّثَنَا زُهَيْرُ بْنُ مُحَمَّدٍ، حَدَّثَنَا عَبْدُ الرَّزَّاقِ، عَنْ سُفْيَانَ، عَنْ عَبْدِ اللَّهِ بْنِ عَطَاءٍ، عَنِ ابْنِ بُرَيْدَةَ، عَنْ أَبِيهِ، قَالَ جَاءَتِ امْرَأَةٌ إِلَى النَّبِيِّ ـ صلى الله عليه وسلم ـ فَقَالَتْ يَا رَسُولَ اللَّهِ إِنَّ أُمِّي مَاتَتْ وَعَلَيْهَا صَوْمٌ أَفَأَصُومُ عَنْهَا قَالَ ‏ "‏ نَعَمْ ‏"‏ ‏.‏
It was narrated from Ibn Buraidah that his father said:“A woman came to the Prophet (ﷺ) and said: ‘O Messenger of Allah, my mother has died and she owed a fast. Should I fast on her behalf?’ He said: ‘Yes.’”
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • SahihAl-Albani
  • SahihMuhammad Fouad Abd al-Baqi
  • SahihShuaib Al Arnaut
  • Sahih MuslimZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 7 · Fasting

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।