सीधे कंटेंट पर जाएँ
सुनन इब्न माजा

नंबर 1757

नंबर 1757किताब 7, नंबर 120
حَدَّثَنَا مُحَمَّدُ بْنُ يَحْيَى، حَدَّثَنَا قُتَيْبَةُ، حَدَّثَنَا عَبْثَرٌ، عَنْ أَشْعَثَ، عَنْ مُحَمَّدِ بْنِ سِيرِينَ، عَنْ نَافِعٍ، عَنِ ابْنِ عُمَرَ، قَالَ قَالَ رَسُولُ اللَّهِ ـ صلى الله عليه وسلم ـ ‏ "‏ مَنْ مَاتَ وَعَلَيْهِ صِيَامُ شَهْرٍ فَلْيُطْعَمْ عَنْهُ مَكَانَ كُلِّ يَوْمٍ مِسْكِينٌ ‏"‏ ‏.‏
It was narrated from Ibn ‘Umar that the Messenger of Allah (ﷺ) said:‘Whoever dies owing the fasts of a month, one poor person should be fed on his behalf for each day.”
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • DaifAl-Albani
  • DaifMuhammad Fouad Abd al-Baqi
  • DaifZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 7 · Fasting

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।