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सुनन इब्न माजा

नंबर 1755

नंबर 1755किताब 7, नंबर 118
حَدَّثَنَا جُبَارَةُ بْنُ الْمُغَلِّسِ، حَدَّثَنَا مِنْدَلُ بْنُ عَلِيٍّ، حَدَّثَنَا عُمَرُ بْنُ صُهْبَانَ، عَنْ نَافِعٍ، عَنِ ابْنِ عُمَرَ، قَالَ كَانَ النَّبِيُّ ـ صلى الله عليه وسلم ـ لاَ يَغْدُو يَوْمَ الْفِطْرِ حَتَّى يُغَدِّيَ أَصْحَابَهُ مِنْ صَدَقَةِ الْفِطْرِ ‏.‏
It was narrated that Ibn ‘Umar said:“The Prophet (ﷺ) would not go out on the Day of Fitr until he had had given his Companions some of the charity of Fitr to eat.”
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • DaifAl-Albani
  • DaifMuhammad Fouad Abd al-Baqi
  • DaifShuaib Al Arnaut
  • DaifZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 7 · Fasting

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।