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सुनन इब्न माजा

नंबर 1751

नंबर 1751किताब 7, नंबर 114
حَدَّثَنَا أَحْمَدُ بْنُ يُوسُفَ السُّلَمِيُّ، حَدَّثَنَا أَبُو عَاصِمٍ، أَنْبَأَنَا ابْنُ جُرَيْجٍ، عَنْ أَبِي الزُّبَيْرِ، عَنْ جَابِرٍ، قَالَ قَالَ رَسُولُ اللَّهِ ـ صلى الله عليه وسلم ـ ‏ "‏ مَنْ دُعِيَ إِلَى طَعَامٍ وَهُوَ صَائِمٌ فَلْيُجِبْ فَإِنْ شَاءَ طَعِمَ وَإِنْ شَاءَ تَرَكَ ‏"‏ ‏.‏
It was narrated from Jabir that the Messenger of Allah (ﷺ) said:“Whoever is invited to eat when he is fasting, let him accept the invitation; and if he wants to let him eat, and if he wants let him not eat.”
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • SahihAl-Albani
  • SahihMuhammad Fouad Abd al-Baqi
  • SahihShuaib Al Arnaut
  • SahihZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 7 · Fasting

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।