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सुनन इब्न माजा

नंबर 1745

नंबर 1745किताब 7, नंबर 108
حَدَّثَنَا أَبُو بَكْرٍ، حَدَّثَنَا عَبْدُ اللَّهِ بْنُ الْمُبَارَكِ، ح وَحَدَّثَنَا مُحْرِزُ بْنُ سَلَمَةَ الْعَدَنِيُّ، حَدَّثَنَا عَبْدُ الْعَزِيزِ بْنُ مُحَمَّدٍ، جَمِيعًا عَنْ مُوسَى بْنِ عُبَيْدَةَ، عَنْ جُمْهَانَ، عَنْ أَبِي هُرَيْرَةَ، قَالَ قَالَ رَسُولُ اللَّهِ ـ صلى الله عليه وسلم ـ ‏"‏ لِكُلِّ شَىْءٍ زَكَاةٌ وَزَكَاةُ الْجَسَدِ الصَّوْمُ ‏"‏ ‏.‏ زَادَ مُحْرِزٌ فِي حَدِيثِهِ وَقَالَ رَسُولُ اللَّهِ ـ صلى الله عليه وسلم ـ ‏"‏ الصِّيَامُ نِصْفُ الصَّبْرِ ‏"‏ ‏.‏
It was narrated from Abu Hurairah that the Messenger of Allah (ﷺ) said:“For everything there is Zakat and the Zakat of the body is fasting.” (A narrator in one of the chains) Muhriz added in his narration: "And the Messenger of Allah (ﷺ) said: 'Fasting is half of patience
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • DaifAl-Albani
  • DaifMuhammad Fouad Abd al-Baqi
  • DaifShuaib Al Arnaut
  • DaifZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 7 · Fasting

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।