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सुनन इब्न माजा

नंबर 1738

नंबर 1738किताब 7, नंबर 101
حَدَّثَنَا أَحْمَدُ بْنُ عَبْدَةَ، أَنْبَأَنَا حَمَّادُ بْنُ زَيْدٍ، حَدَّثَنَا غَيْلاَنُ بْنُ جَرِيرٍ، عَنْ عَبْدِ اللَّهِ بْنِ مَعْبَدٍ الزِّمَّانِيِّ، عَنْ أَبِي قَتَادَةَ، قَالَ: قَالَ رَسُولُ اللَّهِ ـ صلى الله عليه وسلم ـ ‏ "‏ صِيَامُ يَوْمِ عَاشُورَاءَ إِنِّي أَحْتَسِبُ عَلَى اللَّهِ أَنْ يُكَفِّرَ السَّنَةَ الَّتِي قَبْلَهُ ‏"‏ ‏.‏
It was narrated from Abu Qatadah that the Messenger of Allah (ﷺ) said:“Fasting the day of ‘Ashura’, I hope, will expiate for the sins of the previous year.”
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • SahihAl-Albani
  • SahihMuhammad Fouad Abd al-Baqi
  • SahihZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 7 · Fasting

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।