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सुनन इब्न माजा

नंबर 1731

नंबर 1731किताब 7, नंबर 94
حَدَّثَنَا هِشَامُ بْنُ عَمَّارٍ، حَدَّثَنَا يَحْيَى بْنُ حَمْزَةَ، عَنْ إِسْحَاقَ بْنِ عَبْدِ اللَّهِ، عَنْ عِيَاضِ بْنِ عَبْدِ اللَّهِ، عَنْ أَبِي سَعِيدٍ الْخُدْرِيِّ، عَنْ قَتَادَةَ بْنِ النُّعْمَانِ، قَالَ: سَمِعْتُ رَسُولَ اللَّهِ ـ صلى الله عليه وسلم ـ يَقُولُ: ‏ "‏ مَنْ صَامَ يَوْمَ عَرَفَةَ، غُفِرَ لَهُ سَنَةٌ أَمَامَهُ وَسَنَةٌ بَعْدَهُ ‏"‏ ‏.‏
It was narrated that Qatadah bin Nu’man said:“I heard the Messenger of Allah (ﷺ) say: ‘Whoever fasts the Day of ‘Arafah, his sins of the previous and following year will be forgiven.’”
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • DaifAl-Albani
  • Sahih LighairihiMuhammad Fouad Abd al-Baqi
  • DaifZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 7 · Fasting

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।