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सुनन इब्न माजा

नंबर 1709

नंबर 1709किताब 7, नंबर 72
حَدَّثَنَا أَبُو بَكْرِ بْنُ أَبِي شَيْبَةَ، حَدَّثَنَا غُنْدَرٌ، عَنْ شُعْبَةَ، عَنْ يَزِيدَ الرِّشْكِ، عَنْ مُعَاذَةَ الْعَدَوِيَّةِ، عَنْ عَائِشَةَ، أَنَّهَا قَالَتْ: كَانَ رَسُولُ اللَّهِ ـ صلى الله عليه وسلم ـ يَصُومُ ثَلاَثَةَ أَيَّامٍ مِنْ كُلِّ شَهْرٍ ‏.‏ قُلْتُ مِنْ أَيِّهِ؟ قَالَتْ: لَمْ يَكُنْ يُبَالِي مِنْ أَيِّهِ كَانَ ‏.‏
It was narrated from Mu’adhah Al-‘Adawiyyah that ‘Aishah said:“The Messenger of Allah (ﷺ) used to fast three days of each month.” I said: “Which were they?” She said: “He did not care which days they were.”
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • SahihAl-Albani
  • SahihMuhammad Fouad Abd al-Baqi
  • SahihShuaib Al Arnaut
  • Sahih MuslimZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 7 · Fasting

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।