حَدَّثَنَا أَبُو بَكْرِ بْنُ أَبِي شَيْبَةَ، حَدَّثَنَا الْفَضْلُ بْنُ دُكَيْنٍ، عَنْ إِسْرَائِيلَ، عَنْ زَيْدِ بْنِ جُبَيْرٍ، عَنْ أَبِي يَزِيدَ الضِّنِّيِّ، عَنْ مَيْمُونَةَ، مَوْلاَةِ النَّبِيِّ ـ صلى الله عليه وسلم ـ قَالَتْ: سُئِلَ النَّبِيُّ ـ صلى الله عليه وسلم ـ عَنْ رَجُلٍ قَبَّلَ امْرَأَتَهُ وَهُمَا صَائِمَانِ قَالَ: " قَدْ أَفْطَرَا " .
It was narrated that Maimunah the freed (female) slave of the Messenger of Allah (ﷺ), said:“The Prophet (ﷺ) was asked about a man who kissed his wife when they were both fasting. He said: ‘They have broken their fast.’”
स्रोत में दर्ज दर्जे
Very DaifAl-Albani
Very DaifMuhammad Fouad Abd al-Baqi
DaifShuaib Al Arnaut
DaifZubair Ali Zai
हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।
अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।