सीधे कंटेंट पर जाएँ
सुनन इब्न माजा

नंबर 1622

नंबर 1622किताब 6, नंबर 190
حَدَّثَنَا مُحَمَّدُ بْنُ عَبْدِ اللَّهِ بْنِ نُمَيْرٍ، حَدَّثَنَا مُصْعَبُ بْنُ الْمِقْدَامِ، حَدَّثَنَا سُفْيَانُ، عَنِ الأَعْمَشِ، عَنْ شَقِيقٍ، عَنْ مَسْرُوقٍ، قَالَ: قَالَتْ عَائِشَةُ: مَا رَأَيْتُ أَحَدًا أَشَدَّ عَلَيْهِ الْوَجَعُ مِنْ رَسُولِ اللَّهِ ـ صلى الله عليه وسلم ـ ‏.‏
‘Aishah said:“I never saw anyone suffer more pain than the Messenger of Allah (ﷺ).”
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • SahihAl-Albani
  • SahihMuhammad Fouad Abd al-Baqi
  • Sahih - Bukhari And MuslimZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 6 · Chapters Regarding Funerals

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।