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सुनन इब्न माजा

नंबर 1574

नंबर 1574किताब 6, नंबर 142
حَدَّثَنَا أَبُو بَكْرِ بْنُ أَبِي شَيْبَةَ، وَأَبُو بِشْرٍ قَالاَ حَدَّثَنَا قَبِيصَةُ، ح: وَحَدَّثَنَا أَبُو كُرَيْبٍ، حَدَّثَنَا عُبَيْدُ بْنُ سَعِيدٍ، ح: وَحَدَّثَنَا مُحَمَّدُ بْنُ خَلَفٍ الْعَسْقَلاَنِيُّ، حَدَّثَنَا الْفِرْيَابِيُّ، وَقَبِيصَةُ، كُلُّهُمْ عَنْ سُفْيَانَ، عَنْ عَبْدِ اللَّهِ بْنِ عُثْمَانَ بْنِ خُثَيْمٍ، عَنْ عَبْدِ الرَّحْمَنِ بْنِ بَهْمَانَ، عَنْ عَبْدِ الرَّحْمَنِ بْنِ حَسَّانَ بْنِ ثَابِتٍ، عَنْ أَبِيهِ، قَالَ: لَعَنَ رَسُولُ اللَّهِ ـ صلى الله عليه وسلم ـ زُوَّارَاتِ الْقُبُورِ ‏.‏
It was narrated from ‘Abdur-Rahman bin Hassan bin Thabit that his father said:“The Messenger of Allah (ﷺ) cursed women who visit graves.”
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • HasanAl-Albani
  • HasanMuhammad Fouad Abd al-Baqi
  • Hasan LighairihiShuaib Al Arnaut
  • HasanZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 6 · Chapters Regarding Funerals

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।