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सुनन इब्न माजा

नंबर 1544

नंबर 1544किताब 6, नंबर 112
حَدَّثَنَا عَلِيُّ بْنُ مُحَمَّدٍ، حَدَّثَنَا وَكِيعٌ، عَنْ شُعْبَةَ، عَنْ مُحَمَّدِ بْنِ الْمُنْكَدِرِ، عَنْ مَسْعُودِ بْنِ الْحَكَمِ، عَنْ عَلِيِّ بْنِ أَبِي طَالِبٍ، قَالَ قَامَ رَسُولُ اللَّهِ ـ صلى الله عليه وسلم ـ لِجِنَازَةٍ فَقُمْنَا حَتَّى جَلَسَ فَجَلَسْنَا ‏.‏
It was narrated that ‘Ali bin Abu Talib said:“The Messenger of Allah (ﷺ) stood up for a funeral, and we stood up, until he sat down, then we sat down.”
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • SahihAl-Albani
  • SahihMuhammad Fouad Abd al-Baqi
  • SahihShuaib Al Arnaut
  • Sahih MuslimZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 6 · Chapters Regarding Funerals

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।