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सुनन इब्न माजा

नंबर 1542

नंबर 1542किताब 6, नंबर 110
حَدَّثَنَا مُحَمَّدُ بْنُ رُمْحٍ، أَنْبَأَنَا اللَّيْثُ بْنُ سَعْدٍ، عَنْ نَافِعٍ، عَنِ ابْنِ عُمَرَ، عَنْ عَامِرِ بْنِ رَبِيعَةَ، عَنِ النَّبِيِّ ـ صلى الله عليه وسلم ـ ح: وَحَدَّثَنَا هِشَامُ بْنُ عَمَّارٍ، حَدَّثَنَا سُفْيَانُ، عَنِ الزُّهْرِيِّ، عَنْ سَالِمٍ، عَنْ أَبِيهِ، عَنْ عَامِرِ بْنِ رَبِيعَةَ، سَمِعَهُ يُحَدِّثُ، عَنِ النَّبِيِّ ـ صلى الله عليه وسلم ـ قَالَ: ‏ "‏ إِذَا رَأَيْتُمُ الْجِنَازَةَ فَقُومُوا لَهَا حَتَّى تُخَلِّفَكُمْ أَوْ تُوضَعَ ‏"‏ ‏.‏
It was narrated from ‘Amir bin Rabi’ah that the Prophet (ﷺ) said:“When you see a funeral (procession) stand up for it until it has passed by or it is placed on the ground.”
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • SahihAl-Albani
  • SahihMuhammad Fouad Abd al-Baqi
  • SahihShuaib Al Arnaut
  • Sahih - Bukhari And MuslimZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 6 · Chapters Regarding Funerals

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।