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सुनन इब्न माजा

नंबर 1532

नंबर 1532किताब 6, नंबर 100
حَدَّثَنَا مُحَمَّدُ بْنُ حُمَيْدٍ، حَدَّثَنَا مِهْرَانُ بْنُ أَبِي عُمَرَ، عَنْ أَبِي سِنَانٍ، عَنْ عَلْقَمَةَ بْنِ مَرْثَدٍ، عَنِ ابْنِ بُرَيْدَةَ، عَنْ أَبِيهِ، أَنَّ النَّبِيَّ ـ صلى الله عليه وسلم ـ صَلَّى عَلَى مَيِّتٍ بَعْدَ مَا دُفِنَ ‏.‏
It was narrated from Ibn Buraidah from his father that the Prophet (ﷺ) offered the funeral prayer for a deceased person after he had been buried
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • SahihAl-Albani
  • Sahih LighairihiMuhammad Fouad Abd al-Baqi
  • Sahih LighairihiShuaib Al Arnaut
  • SahihZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 6 · Chapters Regarding Funerals

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।