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सुनन इब्न माजा

नंबर 1525

नंबर 1525किताब 6, नंबर 93
حَدَّثَنَا أَحْمَدُ بْنُ يُوسُفَ السُّلَمِيُّ، حَدَّثَنَا مُسْلِمُ بْنُ إِبْرَاهِيمَ، حَدَّثَنَا الْحَارِثُ بْنُ نَبْهَانَ، حَدَّثَنَا عُتْبَةُ بْنُ يَقْظَانَ، عَنْ أَبِي سَعِيدٍ، عَنْ مَكْحُولٍ، عَنْ وَاثِلَةَ بْنِ الأَسْقَعِ، قَالَ قَالَ رَسُولُ اللَّهِ ـ صلى الله عليه وسلم ـ ‏ "‏ صَلُّوا عَلَى كُلِّ مَيِّتٍ وَجَاهِدُوا مَعَ كُلِّ أَمِيرٍ ‏"‏ ‏.‏
It was narrated from Wathilah bin Asqa’ that the Messenger of Allah (ﷺ) said:‘Offer prayer for everyone who dies, and strive in Jihad under every chief.”
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • DaifAl-Albani
  • DaifMuhammad Fouad Abd al-Baqi
  • Very DaifShuaib Al Arnaut
  • DaifZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 6 · Chapters Regarding Funerals

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।