حَدَّثَنَا مُحَمَّدُ بْنُ زِيَادٍ، حَدَّثَنَا عَلِيُّ بْنُ عَاصِمٍ، عَنْ عَطَاءِ بْنِ السَّائِبِ، عَنْ سَعِيدِ بْنِ جُبَيْرٍ، عَنِ ابْنِ عَبَّاسٍ، أَنَّ رَسُولَ اللَّهِ ـ صلى الله عليه وسلم ـ أَمَرَ بِقَتْلَى أُحُدٍ أَنْ يُنْزَعَ عَنْهُمُ الْحَدِيدُ وَالْجُلُودُ وَأَنْ يُدْفَنُوا فِي ثِيَابِهِمْ بِدِمَائِهِمْ .
It was narrated from Ibn ‘Abbas that the Messenger of Allah (ﷺ) commanded that the weapons and armor should be removed from the slain of Uhud, and they should be buried in their clothes stained with blood
स्रोत में दर्ज दर्जे
DaifAl-Albani
DaifMuhammad Fouad Abd al-Baqi
DaifZubair Ali Zai
हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।
अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।