सीधे कंटेंट पर जाएँ
सुनन इब्न माजा

नंबर 1496

नंबर 1496किताब 6, नंबर 64
حَدَّثَنَا عَمْرُو بْنُ أَبِي عَاصِمٍ النَّبِيلُ، وَإِبْرَاهِيمُ بْنُ الْمُسْتَمِرِّ، قَالاَ حَدَّثَنَا أَبُو عَاصِمٍ، حَدَّثَنَا حَمَّادُ بْنُ جَعْفَرٍ الْعَبْدِيُّ، حَدَّثَنِي شَهْرُ بْنُ حَوْشَبٍ، حَدَّثَتْنِي أُمُّ شَرِيكٍ الأَنْصَارِيَّةُ، قَالَتْ أَمَرَنَا رَسُولُ اللَّهِ ـ صلى الله عليه وسلم ـ أَنْ نَقْرَأَ عَلَى الْجِنَازَةِ بِفَاتِحَةِ الْكِتَابِ ‏.‏
Umm Sharik Al-Ansari said:“The Messenger of Allah (ﷺ) commanded us to recite the Opening of the Book (Al-Fatihah) in the funeral prayer.”
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • DaifAl-Albani
  • DaifMuhammad Fouad Abd al-Baqi
  • DaifShuaib Al Arnaut
  • DaifZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 6 · Chapters Regarding Funerals

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।