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सुनन इब्न माजा

नंबर 1484

नंबर 1484किताब 6, नंबर 52
حَدَّثَنَا أَحْمَدُ بْنُ عَبْدَةَ، أَنْبَأَنَا عَبْدُ الْوَاحِدِ بْنُ زِيَادٍ، عَنْ يَحْيَى بْنِ عَبْدِ اللَّهِ التَّيْمِيِّ، عَنْ أَبِي مَاجِدَةَ الْحَنَفِيِّ، عَنْ عَبْدِ اللَّهِ بْنِ مَسْعُودٍ، قَالَ قَالَ رَسُولُ اللَّهِ ـ صلى الله عليه وسلم ـ ‏ "‏ الْجِنَازَةُ مَتْبُوعَةٌ وَلَيْسَتْ بِتَابِعَةٍ لَيْسَ مِنْهَا مَنْ تَقَدَّمَهَا ‏"‏ ‏.‏
It was narrated from ‘Abdullah bin Mas’ud that the Messenger of Allah (ﷺ) said:‘The funeral should be followed and should not follow. There should be no one with it who walks ahead of it.”
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • DaifAl-Albani
  • DaifMuhammad Fouad Abd al-Baqi
  • DaifShuaib Al Arnaut
  • DaifZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 6 · Chapters Regarding Funerals

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।