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सुनन इब्न माजा

नंबर 1480

नंबर 1480किताब 6, नंबर 48
حَدَّثَنَا كَثِيرُ بْنُ عُبَيْدٍ الْحِمْصِيُّ، حَدَّثَنَا بَقِيَّةُ بْنُ الْوَلِيدِ، عَنْ أَبِي بَكْرِ بْنِ أَبِي مَرْيَمَ، عَنْ رَاشِدِ بْنِ سَعْدٍ، عَنْ ثَوْبَانَ، مَوْلَى رَسُولِ اللَّهِ ـ صلى الله عليه وسلم ـ قَالَ رَأَى رَسُولُ اللَّهِ ـ صلى الله عليه وسلم ـ نَاسًا رُكْبَانًا عَلَى دَوَابِّهِمْ فِي جِنَازَةٍ فَقَالَ ‏ "‏ أَلاَ تَسْتَحْيُونَ أَنَّ مَلاَئِكَةَ اللَّهِ يَمْشُونَ عَلَى أَقْدَامِهِمْ وَأَنْتُمْ رُكْبَانٌ ‏"‏ ‏.‏
It was narrated that Thawban, the freed slave of the Messenger of Allah (ﷺ), said:“The Messenger of Allah (ﷺ) saw some people riding on their animals in a funeral (procession). He said: ‘Do you not feel ashamed that the angels of Allah are walking on foot and you are riding?’”
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • DaifAl-Albani
  • DaifMuhammad Fouad Abd al-Baqi
  • DaifShuaib Al Arnaut
  • DaifZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 6 · Chapters Regarding Funerals

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।