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सुनन इब्न माजा

नंबर 1464

नंबर 1464किताब 6, नंबर 32
حَدَّثَنَا مُحَمَّدُ بْنُ يَحْيَى، حَدَّثَنَا أَحْمَدُ بْنُ خَالِدٍ الْوَهْبِيُّ، حَدَّثَنَا مُحَمَّدُ بْنُ إِسْحَاقَ، عَنْ يَحْيَى بْنِ عَبَّادِ بْنِ عَبْدِ اللَّهِ بْنِ الزُّبَيْرِ، عَنْ أَبِيهِ، عَنْ عَائِشَةَ، قَالَتْ لَوْ كُنْتُ اسْتَقْبَلْتُ مِنَ الأَمْرِ مَا اسْتَدْبَرْتُ مَا غَسَّلَ النَّبِيَّ ـ صلى الله عليه وسلم ـ غَيْرُ نِسَائِهِ ‏.‏
It was narrated that ‘Aishah said:“If I had known then what I know now, no one would have washed the Prophet (ﷺ) but his wives.”
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • SahihAl-Albani
  • SahihMuhammad Fouad Abd al-Baqi
  • HasanShuaib Al Arnaut
  • Isnaad HasanZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 6 · Chapters Regarding Funerals

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।