حَدَّثَنَا بِشْرُ بْنُ آدَمَ، حَدَّثَنَا رَوْحُ بْنُ عُبَادَةَ، عَنِ ابْنِ جُرَيْجٍ، عَنْ حَبِيبِ بْنِ أَبِي ثَابِتٍ، عَنْ عَاصِمِ بْنِ ضَمْرَةَ، عَنْ عَلِيٍّ، قَالَ قَالَ لِي النَّبِيُّ ـ صلى الله عليه وسلم ـ " لاَ تُبْرِزْ فَخِذَكَ وَلاَ تَنْظُرْ إِلَى فَخِذِ حَىٍّ وَلاَ مَيِّتٍ " .
It was narrated that ‘Ali said:“The Prophet (ﷺ) said to me: ‘Do not show your thigh, and do not look at the thigh of anyone, living or dead.’”
स्रोत में दर्ज दर्जे
Very DaifAl-Albani
Very DaifMuhammad Fouad Abd al-Baqi
DaifZubair Ali Zai
हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।
अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।