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सुनन इब्न माजा

नंबर 1451

नंबर 1451किताब 6, नंबर 19
حَدَّثَنَا هِشَامُ بْنُ عَمَّارٍ، حَدَّثَنَا الْوَلِيدُ بْنُ مُسْلِمٍ، حَدَّثَنَا الأَوْزَاعِيُّ، عَنْ عَطَاءٍ، عَنْ عَائِشَةَ، أَنَّ رَسُولَ اللَّهِ ـ صلى الله عليه وسلم ـ دَخَلَ عَلَيْهَا وَعِنْدَهَا حَمِيمٌ لَهَا يَخْنُقُهُ الْمَوْتُ فَلَمَّا رَأَى النَّبِيُّ ـ صلى الله عليه وسلم ـ مَا بِهَا قَالَ لَهَا ‏ "‏ لاَ تَبْتَئِسِي عَلَى حَمِيمِكِ فَإِنَّ ذَلِكَ مِنْ حَسَنَاتِهِ ‏"‏ ‏.‏
It was narrated from ‘Aishah that the Messenger of Allah (ﷺ) entered upon her and there was a close relative of hers who was in the throes of death. When the Prophet (ﷺ) saw how upset she was, he said:“Do not grieve for your relative, for that is part of his Hasanat (merits).”
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • DaifAl-Albani
  • DaifMuhammad Fouad Abd al-Baqi
  • DaifShuaib Al Arnaut
  • DaifZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 6 · Chapters Regarding Funerals

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।