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सुनन इब्न माजा

नंबर 1448

नंबर 1448किताब 6, नंबर 16
حَدَّثَنَا أَبُو بَكْرِ بْنُ أَبِي شَيْبَةَ، حَدَّثَنَا عَلِيُّ بْنُ الْحَسَنِ بْنِ شَقِيقٍ، عَنِ ابْنِ الْمُبَارَكِ، عَنْ سُلَيْمَانَ التَّيْمِيِّ، عَنْ أَبِي عُثْمَانَ، - وَلَيْسَ بِالنَّهْدِيِّ - عَنْ أَبِيهِ، عَنْ مَعْقِلِ بْنِ يَسَارٍ، قَالَ قَالَ رَسُولُ اللَّهِ ـ صلى الله عليه وسلم ـ ‏ "‏ اقْرَءُوهَا عِنْدَ مَوْتَاكُمْ ‏"‏ ‏.‏ يَعْنِي ‏{يس}‏ ‏.‏
It was narrated from Ma’qil bin Yasar that the Messenger of Allah (ﷺ) said:“Recite Qur’an near your dying ones,” meaning Ya-Sin
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • DaifAl-Albani
  • DaifMuhammad Fouad Abd al-Baqi
  • DaifShuaib Al Arnaut
  • DaifZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 6 · Chapters Regarding Funerals

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।