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सुनन इब्न माजा

नंबर 988

नंबर 988किताब 5, नंबर 186
حَدَّثَنَا عَلِيُّ بْنُ إِسْمَاعِيلَ، حَدَّثَنَا عَمْرُو بْنُ عَلِيٍّ، حَدَّثَنَا يَحْيَى، حَدَّثَنَا شُعْبَةُ، حَدَّثَنَا عَمْرُو بْنُ مُرَّةَ، عَنْ سَعِيدِ بْنِ الْمُسَيَّبِ، قَالَ حَدَّثَ عُثْمَانُ بْنُ أَبِي الْعَاصِ، أَنَّ آخِرَ، مَا قَالَ لِي رَسُولُ اللَّهِ ـ صلى الله عليه وسلم ـ ‏ "‏ إِذَا أَمَمْتَ قَوْمًا فَأَخِفَّ بِهِمْ ‏"‏ ‏.‏
‘Uthman bin Abul-‘As narrated that the last thing the Messenger of Allah (ﷺ) enjoined on him was that he said:“When you lead people, keep it short for them.”
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • SahihAl-Albani
  • SahihMuhammad Fouad Abd al-Baqi
  • Sahih MuslimZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 5 · Establishing the Prayer and the Sunnah Regarding Them

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।