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सुनन इब्न माजा

नंबर 978

नंबर 978किताब 5, नंबर 176
حَدَّثَنَا أَبُو كُرَيْبٍ، حَدَّثَنَا ابْنُ أَبِي زَائِدَةَ، عَنْ أَبِي الأَشْهَبِ، عَنْ أَبِي نَضْرَةَ، عَنْ أَبِي سَعِيدٍ، أَنَّ رَسُولَ اللَّهِ ـ صلى الله عليه وسلم ـ رَأَى فِي أَصْحَابِهِ تَأَخُّرًا فَقَالَ ‏ "‏ تَقَدَّمُوا فَأْتَمُّوا بِي، وَلْيَأْتَمَّ بِكُمْ مَنْ بَعْدَكُمْ، لاَ يَزَالُ قَوْمٌ يَتَأَخَّرُونَ حَتَّى يُؤَخِّرَهُمُ اللَّهُ ‏"‏ ‏.‏
It was narrated from Abu Sa’eed that the Messenger of Allah (ﷺ) saw that some of his Companions tended to stand in the rear, so he said:“Come forward and follow me, and let those who are behind you follow your lead. If people continue to lag behind, Allah will put them back.”
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • SahihAl-Albani
  • SahihMuhammad Fouad Abd al-Baqi
  • Sahih MuslimZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 5 · Establishing the Prayer and the Sunnah Regarding Them

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।