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सुनन इब्न माजा

नंबर 968

नंबर 968किताब 5, नंबर 166
حَدَّثَنَا مُحَمَّدُ بْنُ الصَّبَّاحِ، أَنْبَأَنَا حَفْصُ بْنُ غِيَاثٍ، عَنْ عَبْدِ اللَّهِ بْنِ سَعِيدٍ الْمَقْبُرِيِّ، عَنْ أَبِيهِ، عَنْ أَبِي هُرَيْرَةَ، أَنَّ رَسُولَ اللَّهِ ـ صلى الله عليه وسلم ـ قَالَ ‏ "‏ إِذَا تَثَاءَبَ أَحَدُكُمْ فَلْيَضَعْ يَدَهُ عَلَى فِيهِ، وَلاَ يَعْوِي، فَإِنَّ الشَّيْطَانَ يَضْحَكُ مِنْهُ ‏"‏ ‏.‏
It was narrated from Abu Hurairah that the Messenger of Allah (ﷺ) said:“When anyone of you yawns, let him put his hand over his mouth and not make a sound, because Satan laughs at him.”
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • MawduAl-Albani
  • MawduMuhammad Fouad Abd al-Baqi
  • Very DaifShuaib Al Arnaut
  • DaifZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 5 · Establishing the Prayer and the Sunnah Regarding Them

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।