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सुनन इब्न माजा

नंबर 961

नंबर 961किताब 5, नंबर 159
حَدَّثَنَا حُمَيْدُ بْنُ مَسْعَدَةَ، وَسُوَيْدُ بْنُ سَعِيدٍ، قَالاَ حَدَّثَنَا حَمَّادُ بْنُ زَيْدٍ، حَدَّثَنَا مُحَمَّدُ بْنُ زِيَادٍ، عَنْ أَبِي هُرَيْرَةَ، قَالَ قَالَ رَسُولُ اللَّهِ ـ صلى الله عليه وسلم ـ ‏ "‏ أَلاَ يَخْشَى الَّذِي يَرْفَعُ رَأْسَهُ قَبْلَ الإِمَامِ أَنْ يُحَوِّلَ اللَّهُ رَأْسَهُ رَأْسَ حِمَارٍ؟ ‏"‏ ‏.‏
It was narrated that Abu Hurairah said:“The Messenger of Allah (ﷺ) said: ‘Does not the one who raises his head before the Imam fear that Allah may turn his head into the head of a donkey?’”
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • SahihAl-Albani
  • SahihMuhammad Fouad Abd al-Baqi
  • SahihShuaib Al Arnaut
  • SahihZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 5 · Establishing the Prayer and the Sunnah Regarding Them

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।