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सुनन इब्न माजा

नंबर 938

नंबर 938किताब 5, नंबर 136
حَدَّثَنَا عَبْدُ الرَّحْمَنِ بْنُ عَبْدِ الْوَهَّابِ، حَدَّثَنَا الضَّحَّاكُ بْنُ مَخْلَدٍ، عَنْ عَبَّادِ بْنِ مَنْصُورٍ، قَالَ سَمِعْتُ عَطَاءً، يُحَدِّثُ عَنِ ابْنِ عَبَّاسٍ، عَنِ النَّبِيِّ ـ صلى الله عليه وسلم ـ أَنَّهُ قَالَ فِي يَوْمِ جُمُعَةٍ مَطِيرَةٍ ‏ "‏ صَلُّوا فِي رِحَالِكُمْ ‏"‏ ‏.‏
It was narrated from Ibn ‘Abbas that the Prophet (ﷺ) said, on a Friday that was rainy:“Perform your prayer at your camps.”
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • SahihAl-Albani
  • Sahih LighairihiMuhammad Fouad Abd al-Baqi
  • Isnaad HasanZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 5 · Establishing the Prayer and the Sunnah Regarding Them

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।