सीधे कंटेंट पर जाएँ
सुनन इब्न माजा

नंबर 934

नंबर 934किताब 5, नंबर 132
حَدَّثَنَا أَزْهَرُ بْنُ مَرْوَانَ، حَدَّثَنَا عَبْدُ الْوَارِثِ، حَدَّثَنَا أَيُّوبُ، عَنْ نَافِعٍ، عَنِ ابْنِ عُمَرَ، قَالَ قَالَ رَسُولُ اللَّهِ ـ صلى الله عليه وسلم ـ ‏ "‏ إِذَا وُضِعَ الْعَشَاءُ وَأُقِيمَتِ الصَّلاَةُ فَابْدَءُوا بِالْعَشَاءِ ‏"‏ ‏.‏ قَالَ فَتَعَشَّى ابْنُ عُمَرَ لَيْلَةً وَهُوَ يَسْمَعُ الإِقَامَةَ ‏.‏
It was narrated from Nafi’ that Ibn ‘Umar said:“The Messenger of Allah (ﷺ) said: ‘If food is served and the Iqamah for prayer is given, then start with the food.” He said: "Ibn 'Umar ate dinner one night while he could hear the Iqamah
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • SahihAl-Albani
  • SahihMuhammad Fouad Abd al-Baqi
  • SahihShuaib Al Arnaut
  • Sahih - Bukhari And MuslimZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 5 · Establishing the Prayer and the Sunnah Regarding Them

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।