सीधे कंटेंट पर जाएँ
सुनन इब्न माजा

नंबर 920

नंबर 920किताब 5, नंबर 118
حَدَّثَنَا مُحَمَّدُ بْنُ الْحَارِثِ الْمِصْرِيُّ، حَدَّثَنَا يَحْيَى بْنُ رَاشِدٍ، عَنْ يَزِيدَ، مَوْلَى سَلَمَةَ عَنْ سَلَمَةَ بْنِ الأَكْوَعِ، قَالَ رَأَيْتُ رَسُولَ اللَّهِ ـ صلى الله عليه وسلم ـ صَلَّى فَسَلَّمَ مَرَّةً وَاحِدَةً ‏.‏
It was narrated that Salamah bin Akwa’ said:“I saw the Messenger of Allah (ﷺ) performing the prayer, and he said one Salam.”
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • SahihAl-Albani
  • SahihMuhammad Fouad Abd al-Baqi
  • DaifShuaib Al Arnaut
  • DaifZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 5 · Establishing the Prayer and the Sunnah Regarding Them

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।