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सुनन इब्न माजा

नंबर 916

नंबर 916किताब 5, नंबर 114
حَدَّثَنَا عَلِيُّ بْنُ مُحَمَّدٍ، حَدَّثَنَا يَحْيَى بْنُ آدَمَ، حَدَّثَنَا أَبُو بَكْرِ بْنُ عَيَّاشٍ، عَنْ أَبِي إِسْحَاقَ، عَنْ صِلَةَ بْنِ زُفَرَ، عَنْ عَمَّارِ بْنِ يَاسِرٍ، قَالَ كَانَ رَسُولُ اللَّهِ ـ صلى الله عليه وسلم ـ يُسَلِّمُ عَنْ يَمِينِهِ وَعَنْ يَسَارِهِ حَتَّى يُرَى بَيَاضُ خَدِّهِ ‏ "‏ السَّلاَمُ عَلَيْكُمْ وَرَحْمَةُ اللَّهِ ‏.‏ السَّلاَمُ عَلَيْكُمْ وَرَحْمَةُ اللَّهِ ‏"‏ ‏.‏
It was narrated that ‘Ammar bin Yasir said:“The Messenger of Allah (ﷺ) used to say the Salam to his right and to his left, until the whiteness of his cheek could be seen (saying): ‘As-salamu ‘alaikum wa rahmatullah, as-salamu ‘alaikum wa rahmatullah.’”
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • SahihAl-Albani
  • Sahih LighairihiMuhammad Fouad Abd al-Baqi
  • SahihZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 5 · Establishing the Prayer and the Sunnah Regarding Them

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।