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सुनन इब्न माजा

नंबर 911

नंबर 911किताब 5, नंबर 109
حَدَّثَنَا أَبُو بَكْرِ بْنُ أَبِي شَيْبَةَ، حَدَّثَنَا وَكِيعٌ، عَنْ عِصَامِ بْنِ قُدَامَةَ، عَنْ مَالِكِ بْنِ نُمَيْرٍ الْخُزَاعِيِّ، عَنْ أَبِيهِ، قَالَ رَأَيْتُ النَّبِيَّ ـ صلى الله عليه وسلم ـ وَاضِعًا يَدَهُ الْيُمْنَى عَلَى فَخِذِهِ الْيُمْنَى فِي الصَّلاَةِ وَيُشِيرُ بَإِصْبَعِهِ ‏.‏
It was narrated from Malik bin Numair Al-Khuza’i that his father said:“I saw the Prophet (ﷺ) putting his right hand on his right thigh during prayer, and pointing with his finger.”
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • SahihAl-Albani
  • SahihMuhammad Fouad Abd al-Baqi
  • Sahih LighairihiShuaib Al Arnaut
  • Isnaad HasanZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 5 · Establishing the Prayer and the Sunnah Regarding Them

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।