सीधे कंटेंट पर जाएँ
सुनन इब्न माजा

नंबर 843

नंबर 843किताब 5, नंबर 41
حَدَّثَنَا مُحَمَّدُ بْنُ يَحْيَى، حَدَّثَنَا سَعِيدُ بْنُ عَامِرٍ، حَدَّثَنَا شُعْبَةُ، عَنْ مِسْعَرٍ، عَنْ يَزِيدَ الْفَقِيرِ، عَنْ جَابِرِ بْنِ عَبْدِ اللَّهِ، قَالَ كُنَّا نَقْرَأُ فِي الظُّهْرِ وَالْعَصْرِ خَلْفَ الإِمَامِ فِي الرَّكْعَتَيْنِ الأُولَيَيْنِ بِفَاتِحَةِ الْكِتَابِ وَسُورَةٍ وَفِي الأُخْرَيَيْنِ بِفَاتِحَةِ الْكِتَابِ ‏.‏
It was narrated that Jabir bin ‘Abdullah said:“We used to recite the Opening of the Book and a Surah behind the Imam in the first two Rak’ah of the Zuhr and the ‘Asr, and in the last wo Rak’ah (we would recite) the Opening of the Book.”
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • SahihAl-Albani
  • SahihMuhammad Fouad Abd al-Baqi
  • Isnaad HasanZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 5 · Establishing the Prayer and the Sunnah Regarding Them

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।