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सुनन इब्न माजा

नंबर 840

नंबर 840किताब 5, नंबर 38
حَدَّثَنَا الْفَضْلُ بْنُ يَعْقُوبَ الْجَزَرِيُّ، حَدَّثَنَا عَبْدُ الأَعْلَى، عَنْ مُحَمَّدِ بْنِ إِسْحَاقَ، عَنْ يَحْيَى بْنِ عَبَّادِ بْنِ عَبْدِ اللَّهِ بْنِ الزُّبَيْرِ، عَنْ أَبِيهِ، عَنْ عَائِشَةَ، قَالَتْ سَمِعْتُ رَسُولَ اللَّهِ ـ صلى الله عليه وسلم ـ يَقُولُ ‏ "‏ كُلُّ صَلاَةٍ لاَ يُقْرَأُ فِيهَا بِأُمِّ الْكِتَابِ فَهِيَ خِدَاجٌ ‏"‏ ‏.‏
It was narrated that ‘Aishah said:“I heard the Messenger of Allah (ﷺ) say: ‘Every prayer in which the Ummul-Kitab (the Mother of the Book) is not recited is deficient.’”
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • Hasan SahihAl-Albani
  • Hasan SahihMuhammad Fouad Abd al-Baqi
  • Sahih LighairihiShuaib Al Arnaut
  • Isnaad HasanZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 5 · Establishing the Prayer and the Sunnah Regarding Them

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।