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सुनन इब्न माजा

नंबर 808

नंबर 808किताब 5, नंबर 6
حَدَّثَنَا عَلِيُّ بْنُ الْمُنْذِرِ، حَدَّثَنَا ابْنُ فُضَيْلٍ، حَدَّثَنَا عَطَاءُ بْنُ السَّائِبِ، عَنْ أَبِي عَبْدِ الرَّحْمَنِ السُّلَمِيِّ، عَنِ ابْنِ مَسْعُودٍ، عَنِ النَّبِيِّ ـ صلى الله عليه وسلم ـ قَالَ ‏ "‏ اللَّهُمَّ إِنِّي أَعُوذُ بِكَ مِنَ الشَّيْطَانِ الرَّجِيمِ وَهَمْزِهِ وَنَفْخِهِ وَنَفْثِهِ ‏"‏ ‏.‏ قَالَ هَمْزُهُ الْمُوتَةُ وَنَفْثُهُ الشِّعْرُ وَنَفْخُهُ الْكِبْرُ ‏.‏
It was narrated from Ibn Mas’ud that the Prophet (ﷺ) said:“Allahumma inni a’udhu bika minash-Shaitanir-rajim, wa hamzihi wa nafkhihi wa nafthihi (O Allah, I seek refuge in You from the accursed Satan, from his madness, his pride, and his poetry).”
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • DaifAl-Albani
  • SahihMuhammad Fouad Abd al-Baqi
  • Sahih LighairihiShuaib Al Arnaut
  • HasanZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 5 · Establishing the Prayer and the Sunnah Regarding Them

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।