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सुनन इब्न माजा

नंबर 1418

नंबर 1418किताब 5, नंबर 616
حَدَّثَنَا عَبْدُ اللَّهِ بْنُ عَامِرِ بْنِ زُرَارَةَ، وَسُوَيْدُ بْنُ سَعِيدٍ، قَالاَ حَدَّثَنَا عَلِيُّ بْنُ مُسْهِرٍ، عَنِ الأَعْمَشِ، عَنْ أَبِي وَائِلٍ، عَنْ عَبْدِ اللَّهِ، قَالَ صَلَّيْتُ ذَاتَ لَيْلَةٍ مَعَ رَسُولِ اللَّهِ ـ صلى الله عليه وسلم ـ فَلَمْ يَزَلْ قَائِمًا حَتَّى هَمَمْتُ بِأَمْرِ سَوْءٍ ‏.‏ قُلْتُ وَمَا ذَاكَ الأَمْرُ قَالَ هَمَمْتُ أَنْ أَجْلِسَ وَأَتْرُكَهُ ‏.‏
It was narrated from Abu Wa’il that ‘Abdullah said:“I prayed one night with the Messenger of Allah (ﷺ) and he kept standing until I thought of doing something bad.” I said: “What was that?”He said: “I thought of sitting down and leaving him.”
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • SahihAl-Albani
  • SahihMuhammad Fouad Abd al-Baqi
  • SahihShuaib Al Arnaut
  • Sahih - Bukhari And MuslimZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 5 · Establishing the Prayer and the Sunnah Regarding Them

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।