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सुनन इब्न माजा

नंबर 1410

नंबर 1410किताब 5, नंबर 608
حَدَّثَنَا هِشَامُ بْنُ عَمَّارٍ، حَدَّثَنَا مُحَمَّدُ بْنُ شُعَيْبٍ، حَدَّثَنَا يَزِيدُ بْنُ أَبِي مَرْيَمَ، عَنْ قَزَعَةَ، عَنْ أَبِي سَعِيدٍ، وَعَبْدِ اللَّهِ بْنِ عَمْرِو بْنِ الْعَاصِ، أَنَّ رَسُولَ اللَّهِ ـ صلى الله عليه وسلم ـ قَالَ ‏ "‏ لاَ تُشَدُّ الرِّحَالُ إِلاَّ إِلَى ثَلاَثَةِ مَسَاجِدَ إِلَى الْمَسْجِدِ الْحَرَامِ وَإِلَى الْمَسْجِدِ الأَقْصَى وَإِلَى مَسْجِدِي هَذَا ‏"‏ ‏.‏
It was narrated from Abu Sa’eed and ‘Abdullah bin ‘Amr bin ‘As that the Messenger of Allah (ﷺ) said:“Do not prepare a mount (travel) to visit any mosque except three: the Sacred Mosque, Aqsa Mosque, and this mosque of mine.”
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • SahihAl-Albani
  • SahihMuhammad Fouad Abd al-Baqi
  • SahihShuaib Al Arnaut
  • Sahih - Bukhari And MuslimZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 5 · Establishing the Prayer and the Sunnah Regarding Them

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।