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सुनन इब्न माजा

नंबर 1391

नंबर 1391किताब 5, नंबर 589
حَدَّثَنَا أَبُو بِشْرٍ، بَكْرُ بْنُ خَلَفٍ حَدَّثَنَا سَلَمَةُ بْنُ رَجَاءٍ، حَدَّثَتْنِي شَعْثَاءُ، عَنْ عَبْدِ اللَّهِ بْنِ أَبِي أَوْفَى، أَنَّ رَسُولَ اللَّهِ ـ صلى الله عليه وسلم ـ صَلَّى يَوْمَ بُشِّرَ بِرَأْسِ أَبِي جَهْلٍ رَكْعَتَيْنِ ‏.‏
It was narrated from ‘Abdullah bin Abu Awfa that the Messenger of Allah (ﷺ) prayed two Rak’ah on the day when he was given the glad tidings of the head (death) of Abu Jahl
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • DaifAl-Albani
  • DaifMuhammad Fouad Abd al-Baqi
  • DaifShuaib Al Arnaut
  • DaifZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 5 · Establishing the Prayer and the Sunnah Regarding Them

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।