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सुनन इब्न माजा

नंबर 1376

नंबर 1376किताब 5, नंबर 574
حَدَّثَنَا مُحَمَّدُ بْنُ بَشَّارٍ، وَمُحَمَّدُ بْنُ يَحْيَى، قَالاَ حَدَّثَنَا عَبْدُ الرَّحْمَنِ بْنُ مَهْدِيٍّ، حَدَّثَنَا سُفْيَانُ، عَنِ الأَعْمَشِ، عَنْ أَبِي سُفْيَانَ، عَنْ جَابِرِ بْنِ عَبْدِ اللَّهِ، عَنْ أَبِي سَعِيدٍ الْخُدْرِيِّ، عَنِ النَّبِيِّ ـ صلى الله عليه وسلم ـ قَالَ ‏ "‏ إِذَا قَضَى أَحَدُكُمْ صَلاَتَهُ فَلْيَجْعَلْ لِبَيْتِهِ مِنْهَا نَصِيبًا فَإِنَّ اللَّهَ جَاعِلٌ فِي بَيْتِهِ مِنْ صَلاَتِهِ خَيْرًا ‏"‏ ‏.‏
It was narrated from Abu Sa’eed Al-Khudri that the Prophet (ﷺ) said:“When anyone of you has finished his prayer, let him give his house a share of that, for Allah will put something good in his house because of that prayer.”
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • SahihAl-Albani
  • SahihMuhammad Fouad Abd al-Baqi
  • Sahih MuslimZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 5 · Establishing the Prayer and the Sunnah Regarding Them

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।