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सुनन इब्न माजा

नंबर 1316

नंबर 1316किताब 5, नंबर 514
حَدَّثَنَا نَصْرُ بْنُ عَلِيٍّ الْجَهْضَمِيُّ، حَدَّثَنَا يُوسُفُ بْنُ خَالِدٍ، حَدَّثَنَا أَبُو جَعْفَرٍ الْخَطْمِيُّ، عَنْ عَبْدِ الرَّحْمَنِ بْنِ عُقْبَةَ بْنِ الْفَاكِهِ بْنِ سَعْدٍ، عَنْ جَدِّهِ الْفَاكِهِ بْنِ سَعْدٍ، - وَكَانَتْ لَهُ صُحْبَةٌ - أَنَّ رَسُولَ اللَّهِ ـ صلى الله عليه وسلم ـ كَانَ يَغْتَسِلُ يَوْمَ الْفِطْرِ وَيَوْمَ النَّحْرِ وَيَوْمَ عَرَفَةَ وَكَانَ الْفَاكِهُ يَأْمُرُ أَهْلَهُ بِالْغُسْلِ فِي هَذِهِ الأَيَّامِ ‏.‏
It was narrated from ‘Abdur-Rahman bin ‘Uqbah bin Fakih bin Sa’d, from his grandfather Fakih bin Sa’d, who was a Companion of the Prophet (ﷺ) that the Messenger of Allah (ﷺ) used to take a bath on the Day of Fitr, the Day of Nahr, and the day of ‘Arafah, and Fakih used to tell his family to have a bath on these days
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • MawduAl-Albani
  • MawduMuhammad Fouad Abd al-Baqi
  • DaifZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 5 · Establishing the Prayer and the Sunnah Regarding Them

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।