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सुनन इब्न माजा

नंबर 1242

नंबर 1242किताब 5, नंबर 440
حَدَّثَنَا حَاتِمُ بْنُ بَكْرٍ الضَّبِّيُّ، حَدَّثَنَا مُحَمَّدُ بْنُ يَعْلَى، زُنْبُورٌ حَدَّثَنَا عَنْبَسَةُ بْنُ عَبْدِ الرَّحْمَنِ، عَنْ عَبْدِ اللَّهِ بْنِ نَافِعٍ، عَنْ أَبِيهِ، عَنْ أُمِّ سَلَمَةَ، قَالَتْ: نَهَى رَسُولُ اللَّهِ ـ صلى الله عليه وسلم ـ عَنِ الْقُنُوتِ فِي الْفَجْرِ ‏.‏
It was narrated that Umm Salamah said:“The Messenger of Allah (ﷺ) was forbidden to recite Qunut in Fajr.”
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • MawduAl-Albani
  • MawduMuhammad Fouad Abd al-Baqi
  • DaifZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 5 · Establishing the Prayer and the Sunnah Regarding Them

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।