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सुनन इब्न माजा

नंबर 1230

नंबर 1230किताब 5, नंबर 428
حَدَّثَنَا نَصْرُ بْنُ عَلِيٍّ الْجَهْضَمِيُّ، حَدَّثَنَا بِشْرُ بْنُ عُمَرَ، حَدَّثَنَا عَبْدُ اللَّهِ بْنُ جَعْفَرٍ، حَدَّثَنِي إِسْمَاعِيلُ بْنُ مُحَمَّدِ بْنِ سَعْدٍ، عَنْ أَنَسِ بْنِ مَالِكٍ، أَنَّ رَسُولَ اللَّهِ ـ صلى الله عليه وسلم ـ خَرَجَ فَرَأَى أُنَاسًا يُصَلُّونَ قُعُودًا فَقَالَ ‏ "‏ صَلاَةُ الْقَاعِدِ عَلَى النِّصْفِ مِنْ صَلاَةِ الْقَائِمِ ‏"‏ ‏.‏
It was narrated from Anas bin Malik that the Messenger of Allah (ﷺ) went out and saw some people praying while sitting down. He said:“The prayer of one who sits down is equivalent to half of the prayer of one who stands.”
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • SahihAl-Albani
  • SahihMuhammad Fouad Abd al-Baqi
  • SahihShuaib Al Arnaut
  • Isnaad SahihZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 5 · Establishing the Prayer and the Sunnah Regarding Them

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।