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सुनन इब्न माजा

नंबर 1117

नंबर 1117किताब 5, नंबर 315
حَدَّثَنَا مُحَمَّدُ بْنُ بَشَّارٍ، حَدَّثَنَا أَبُو دَاوُدَ، حَدَّثَنَا جَرِيرُ بْنُ حَازِمٍ، عَنْ ثَابِتٍ، عَنْ أَنَسِ بْنِ مَالِكٍ، أَنَّ النَّبِيَّ ـ صلى الله عليه وسلم ـ كَانَ يُكَلَّمُ فِي الْحَاجَةِ إِذَا نَزَلَ عَنِ الْمِنْبَرِ يَوْمَ الْجُمُعَةِ ‏.‏
It was narrated from Anas bin Malik that the people used to speak to the Prophet (ﷺ) about their needs when he came down from the pulpit on Friday
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • DaifAl-Albani
  • ShadhMuhammad Fouad Abd al-Baqi
  • DaifZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 5 · Establishing the Prayer and the Sunnah Regarding Them

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।