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सुनन इब्न माजा

नंबर 1109

नंबर 1109किताब 5, नंबर 307
حَدَّثَنَا مُحَمَّدُ بْنُ يَحْيَى، حَدَّثَنَا عَمْرُو بْنُ خَالِدٍ، حَدَّثَنَا ابْنُ لَهِيعَةَ، عَنْ مُحَمَّدِ بْنِ زَيْدِ بْنِ مُهَاجِرٍ، عَنْ مُحَمَّدِ بْنِ الْمُنْكَدِرِ، عَنْ جَابِرِ بْنِ عَبْدِ اللَّهِ، أَنَّ النَّبِيَّ ـ صلى الله عليه وسلم ـ كَانَ إِذَا صَعِدَ الْمِنْبَرَ سَلَّمَ ‏.‏
It was narrated from Jabir that whenever the Prophet (ﷺ) ascended the pulpit he would greet (the people with Salam)
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • HasanAl-Albani
  • HasanMuhammad Fouad Abd al-Baqi
  • Sanad DaifShuaib Al Arnaut
  • DaifZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 5 · Establishing the Prayer and the Sunnah Regarding Them

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।