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सुनन इब्न माजा

नंबर 1103

नंबर 1103किताब 5, नंबर 301
حَدَّثَنَا مَحْمُودُ بْنُ غَيْلاَنَ، حَدَّثَنَا عَبْدُ الرَّزَّاقِ، أَنْبَأَنَا مَعْمَرٌ، عَنْ عُبَيْدِ اللَّهِ بْنِ عُمَرَ، عَنْ نَافِعٍ، عَنِ ابْنِ عُمَرَ، ح وَحَدَّثَنَا يَحْيَى بْنُ خَلَفٍ أَبُو سَلَمَةَ، حَدَّثَنَا بِشْرُ بْنُ الْمُفَضَّلِ، عَنْ عُبَيْدِ اللَّهِ، عَنْ نَافِعٍ، عَنِ ابْنِ عُمَرَ، أَنَّ النَّبِيَّ ـ صلى الله عليه وسلم ـ كَانَ يَخْطُبُ خُطْبَتَيْنِ يَجْلِسُ بَيْنَهُمَا جَلْسَةً ‏.‏ زَادَ بِشْرٌ وَهُوَ قَائِمٌ ‏.‏
It was narrated from Ibn ‘Umar that the Prophet (ﷺ) used to deliver two sermons, and he would sit briefly between the two. (One of the narrators) Bishr added:“While he was standing.”
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • SahihAl-Albani
  • SahihMuhammad Fouad Abd al-Baqi
  • SahihShuaib Al Arnaut
  • Sahih - Bukhari And MuslimZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 5 · Establishing the Prayer and the Sunnah Regarding Them

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।