सीधे कंटेंट पर जाएँ
सुनन इब्न माजा

नंबर 1064

नंबर 1064किताब 5, नंबर 262
حَدَّثَنَا مُحَمَّدُ بْنُ عَبْدِ اللَّهِ بْنِ نُمَيْرٍ، حَدَّثَنَا مُحَمَّدُ بْنُ بِشْرٍ، أَنْبَأَنَا يَزِيدُ بْنُ زِيَادِ بْنِ أَبِي الْجَعْدِ، عَنْ زُبَيْدٍ، عَنْ عَبْدِ الرَّحْمَنِ بْنِ أَبِي لَيْلَى، عَنْ كَعْبِ بْنِ عُجْرَةَ، عَنْ عُمَرَ، قَالَ صَلاَةُ السَّفَرِ رَكْعَتَانِ وَصَلاَةُ الْجُمُعَةِ رَكْعَتَانِ وَالْفِطْرُ وَالأَضْحَى رَكْعَتَانِ تَمَامٌ غَيْرُ قَصْرٍ عَلَى لِسَانِ مُحَمَّدٍ ـ صلى الله عليه وسلم ـ ‏.‏
‘Umar said:“The prayer when traveling is two Rak’ah, and Friday is two Rak’ah, and Al-Fitr and Al-Adha are two Rak’ah, complete, not shortened, as told by Muhammad (ﷺ).”
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • SahihAl-Albani
  • SahihMuhammad Fouad Abd al-Baqi
  • SahihShuaib Al Arnaut
  • Isnaad SahihZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 5 · Establishing the Prayer and the Sunnah Regarding Them

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।