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सुनन इब्न माजा

नंबर 1050

नंबर 1050किताब 5, नंबर 248
حَدَّثَنَا أَبُو إِسْحَاقَ الشَّافِعِيُّ، إِبْرَاهِيمُ بْنُ مُحَمَّدِ بْنِ الْعَبَّاسِ حَدَّثَنَا مُحَمَّدُ بْنُ حَنْظَلَةَ بْنِ مُحَمَّدِ بْنِ عَبَّادٍ الْمَخْزُومِيُّ، عَنْ مَعْرُوفِ بْنِ مُشْكَانَ، عَنْ عَبْدِ الرَّحْمَنِ بْنِ كَيْسَانَ، عَنْ أَبِيهِ، قَالَ رَأَيْتُ رَسُولَ اللَّهِ ـ صلى الله عليه وسلم ـ يُصَلِّي بِالْبِئْرِ الْعُلْيَا فِي ثَوْبٍ ‏.‏
It was narrated from ‘Abdur-Rahman bin Kaisan that his father said:“I saw the Messenger of Allah (ﷺ) performing prayer at Bi’r ‘Ulya, in a garment.”
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • HasanAl-Albani
  • HasanMuhammad Fouad Abd al-Baqi
  • DaifZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 5 · Establishing the Prayer and the Sunnah Regarding Them

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।