حَدَّثَنَا أَبُو بَكْرِ بْنُ أَبِي شَيْبَةَ، حَدَّثَنَا وَكِيعٌ، عَنْ سُفْيَانَ، عَنْ مَنْصُورٍ، عَنْ رِبْعِيِّ بْنِ حِرَاشٍ، عَنْ طَارِقِ بْنِ عَبْدِ اللَّهِ الْمُحَارِبِيِّ، قَالَ قَالَ النَّبِيُّ ـ صلى الله عليه وسلم ـ " إِذَا صَلَّيْتَ فَلاَ تَبْزُقَنَّ بَيْنَ يَدَيْكَ، وَلاَ عَنْ يَمِينِكَ، وَلَكِنِ ابْزُقْ عَنْ يَسَارِكَ، أَوْ تَحْتَ قَدَمِكَ " .
It was narrated that Tariq bin ‘Abdullah Al-Muharibi said:“The Prophet (ﷺ) said: ‘When you perform prayer, do not spit in front of you or to your right, but spit to your left or beneath your feet.’”
स्रोत में दर्ज दर्जे
SahihAl-Albani
SahihMuhammad Fouad Abd al-Baqi
SahihShuaib Al Arnaut
SahihZubair Ali Zai
हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।
अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।