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सुनन इब्न माजा

नंबर 1018

नंबर 1018किताब 5, नंबर 216
حَدَّثَنَا مُحَمَّدُ بْنُ رُمْحٍ الْمِصْرِيُّ، أَنْبَأَنَا اللَّيْثُ بْنُ سَعْدٍ، عَنْ أَبِي الزُّبَيْرِ، عَنْ جَابِرٍ، قَالَ بَعَثَنِي النَّبِيُّ ـ صلى الله عليه وسلم ـ لِحَاجَةٍ ثُمَّ أَدْرَكْتُهُ وَهُوَ يُصَلِّي فَسَلَّمْتُ عَلَيْهِ فَأَشَارَ إِلَىَّ فَلَمَّا فَرَغَ دَعَانِي فَقَالَ ‏ "‏ إِنَّكَ سَلَّمْتَ عَلَىَّ آنِفًا وَأَنَا أُصَلِّي ‏"‏ ‏.‏
It was narrated that Jabir said:“The Prophet (ﷺ) sent me on an errand, then I caught up with him while he was performing prayer, and I greeted him. He gestured to me, then when he finished, he called me and said: ‘You greeted me before, but I was performing prayer.’”
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • SahihAl-Albani
  • SahihMuhammad Fouad Abd al-Baqi
  • SahihShuaib Al Arnaut
  • Sahih MuslimZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 5 · Establishing the Prayer and the Sunnah Regarding Them

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।