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सुनन इब्न माजा

नंबर 1006

नंबर 1006किताब 5, नंबर 204
حَدَّثَنَا عَلِيُّ بْنُ مُحَمَّدٍ، حَدَّثَنَا وَكِيعٌ، عَنْ مِسْعَرٍ، عَنْ ثَابِتِ بْنِ عُبَيْدٍ، عَنِ ابْنِ الْبَرَاءِ بْنِ عَازِبٍ، عَنِ الْبَرَاءِ، قَالَ كُنَّا إِذَا صَلَّيْنَا خَلْفَ رَسُولِ اللَّهِ ـ صلى الله عليه وسلم ـ - قَالَ مِسْعَرٌ - مِمَّا نُحِبُّ أَوْ مِمَّا أُحِبُّ أَنْ نَقُومَ عَنْ يَمِينِهِ ‏.‏
It was narrated that Bara’ said:“When we performed prayer behind the Messenger of Allah (ﷺ) (One of the narrators) Mis’ar said: ‘One of the things we liked, or one of the things I liked’ ‘was to stand to his right.’”
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • SahihAl-Albani
  • SahihMuhammad Fouad Abd al-Baqi
  • SahihShuaib Al Arnaut
  • Sahih MuslimZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 5 · Establishing the Prayer and the Sunnah Regarding Them

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।